Thursday , 22 October 2020
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ताजमहल नहीं तेजोमहालय शिव मन्दिर-भाग 1

Tajmahal is shiv temple : आप सभी ने यह बहुत बार सुना होगा कि ताजमहल एक शिव मन्दिर है | हमने सोचा कि इसके तथ्यों पर एक श्रंखला शुरू की जाये , आज हम आपको तथ्यों के साथ यह प्रमाण दे रहें है जो ये बताते है कि ताजमहल एक शिव मन्दिर है : Tajmahal is shiv temple

  • ताजमहल नाम का उल्लेख और अब तक के किसी भी दरबारी दस्तावेजों में कहीं भी नहीं मिलता है।
  • इसे ताजमहल यानि  महलों का ताज कहने का प्रयास किया गया हैज  हास्यास्पद है क्योंकि यह तो इस्लामी कब्र है। कब्र को कभी विश्व में कहीं भी महल ना कहा जाता है ना कहा जाता था। Tajmahal is shiv temple
  • इसका अंतिम शब्द महल इस्लामी शब्द नहीं है क्योंकि अफगानिस्तान से लेकर अल्जीरिया तक विस्तृत इस्लामी प्रदेशों में महल नाम की एक भी इमारत नहीं है।
  •  ताजमहल का उल्लेख शाहजहां औरंगजेब कालीन किसी मुगल लेख में नहीं है  तो ताजमहल के निर्माण का श्रेय शाहजहां को देना उचित नहीं। Tajmahal is shiv temple
  • ताजमहल संस्कृत शब्द तेजोमहालय यानी शिव मंदिर का अपभ्रंश होने से पता चलता है कि अग्रेश्वर महादेव जी को यहां स्थापित किया गया था।
  • शाहजहां के पूर्व में समय से जब ताज एक शिव मंदिर था तब से ही जूते खोल कर अंदर प्रवेश करने की परंपरा आज भी मौजूद है। यदि अगर यह भवन मकबरा ही होता तो इसमें प्रवेश करते समय जूते उतार देने की आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि कब्रिस्तान में जूते पहनना आवश्यक होता है।

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  • संगमरमर की जाली के शिखर पर बने कलश कुल 108 है जो संख्या पवित्र हिंदू धर्म की परंपरा है।
  • ताजमहल के संगमरमर तहखाने के नीचे जो लाल पत्थर की बनी मंजिलें शाहजहां चुनवा दी गई हैं, उनमें से कई बार पुरातत्व कर्मचारियों को मूर्तियां मिली हैं। दरारों में से अंदर झांकने वाले व्यक्तियों को अंदरूनी अंधेरे दालानों में मूर्तियों से अंकित स्तंभ भी दिखाई दिए थे। ऐसा कई रहस्य सरकारी आदेशों द्वारा गुप्त रखे गए थे।
  • भारतवर्ष में 12 ज्योतिर्लिंग यानि मुख्य शिव मंदिर है। वह तेजो महालय उनमें में से एक है क्योंकि ताजमहल के ऊपर के किनारों में नाग नागिन की आकृतियां जड़ी होने से स्पष्ट होता है कि यही मंदिर नागेश्वर के नाम से जाना जाता था।
  • विश्वकर्मा वास्तु शास्त्र नामक वास्तुकला के  प्रसिद्ध ग्रंथ में  विविध प्रकार के शिवलिंग को में तेजोलिंग का उल्लेख आता है जो हिंदुओं के आराध्य शिवजी का चिन्ह होता है। वैसा तेजोलिंग ही ताजमहल के अंदर प्रतिष्ठित हुआ था । यह तथाकथित ताजमहल तेजो महालय ही है।
  • आगरा शहर जहां ताजमहल उपस्थित है। प्राचीन काल में शिव पूजा का एक केंद्र था। यहां की धार्मिक जनता श्रावण मास में रात्रि का भोजन करने से पूर्व पांच शिव मंदिरों में दर्शन करती थी। पिछली कुछ शताब्दियों में आगरा के निवासियों को बल्केश्वर पृथ्वीनाथ ,  मनकामेश्वर और राजराजेश्वर इन  चार शिव मंदिरों के दर्शन ही करने पड़ रहें है  क्योंकि इनके पूर्वजों 5 वां  मंदिर उनसे छीन लिया गया |  अग्रेश्वर महादेव ही उनके पांचवे आराध्य थे जो ताजमहल में विद्यमान थे
  •  आगरा की आबादी ज्यादातर जाटों की है वे भगवान शंकर को तेजाजी कहकर पुकारते हैं।जाटों के तेज मंदिर होते थे। शिवलिंग के विविध प्रकारों में तेजोलिंग एक प्रकार है और इससे स्पष्ट होता है कि ताजमहल एक शिव मन्दिर है | l is shiv temple

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Reference : ताजमहल तेजोमहालय शिव मन्दिर है (पुरुषोतम नागेश ओक)

 


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