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क्या है मन्दिर जाने के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण

Scientific reasons to visit temple : आइये जानतें है क्या है मंदिर जाने के वैज्ञानिक कारण:

मंदिर का स्थान और संरचना

मंदिर को जानबूझकर ऐसे स्थानों पर बनाया जाता है जहां सकारात्मक उर्जा होती है। साथ ही वहां चुम्बकीय लहरें उत्तर-दक्षिण केन्द्रों  को धकेलती है |  प्राचीन काल में भगवान की मूर्ति को मंदिर के अन्तर्भाग में रखा जाता था, जिसे गर्भ ग्रह कहा जाता है। एक मन्दिर की संरचना का कार्य भगवान की मूर्ति को गर्भ गृह के उच्च सकारात्मक केंद्र में रखने के बाद ही शुरू किया जाता है। यह मंदिर का वह मूल स्थान है होता है।जहां पृथ्वी की चुंबकीय लहरें सबसे ज्यादा पाई जाती है। Scientific reasons to visit temple

मंदिर जाने से पांचों इंद्रियां सक्रिय होती है

मनुष्य के शरीर में पांच इन्द्रियाँ होती है श्रवण स्वाद, स्पर्श, दृश्य और सुगंध। यह इन्द्रियां  मंदिर में उपस्थित सकारात्मक ऊर्जा को तभी ग्रहण कर सकती है जब मंदिर में जाने वाले की पांचों इन्द्रियां   ठीक से काम करें। इन इंद्रियों को सक्रिय करने के लिए मंदिर में विभिन्न तरह की क्रियाएं की जाती है । जैसे धूप, दीप, घंटा, ध्वनि, आरती आदि। Scientific reasons to visit temple

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घंटी बजाने से श्रवण इन्द्री होती है सक्रिय

मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले लोग घंटा बजाते हैं और फिर प्रवेश करते हैं। घंटा बजाने से जो ध्वनी  उत्पन्न होती है, उससे हमारे दिमाग के दाएं और बाएं दोनों हिस्से सक्रिय हो जाते हैं। घंटा बजाने से तेज और सम  ध्वनि उत्पन्न होती है जो कम से कम 7 सेकेंड के लिए गूंजती है | इससे मस्तिष्क में मौजूद नकारात्मक विचार खत्म होने लगते है और मस्तिष्क सकारात्मक विचारों से पूर्ण होने लगता है। ऐसी ही धारणा है कि गर्भ गृह में मौजूद भगवान की मूर्ति भी घंटा ध्वनि को कुछ सुनिश्चित वक्त पर ग्रहण करती है।

मंदिर के बाहर उतारे जूते चप्पल

मंदिर वहाँ बनाये जाते है  जहां सदैव सकारात्मक वातावरण बना रहता है। प्राचीन काल में मंदिर के फर्श की रचना ऐसे पत्थरों या धातुओं से की जाती थी जो सकारात्मक उर्जा पैदा करें और चुंबकीय लहरों का सुचालक हो ताकि यह ऊर्जा और लहरें पैरों के नीचे से गुजर कर हमारे शरीर में प्रवेश कर सकें। इसलिए आवश्यक है कि जब हम मंदिर में जाएं तो जूते-चप्पल उतारकर ही जाए। दूसरा कारण जूते चप्पल उतारने का यह है कि जूते चप्पल पहनकर मंदिर में प्रवेश करने से अशुद्धि मंदिर परिसर में पहुंच जाती है, जिससे मंदिर का वातावरण अशुद्ध होता है और नकारात्मक उर्जा उत्पन्न होती है। Scientific reasons to visit temple

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