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Reconstruction of temple
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Reconstruction of temple – 31 साल पहले आतंकियों ने जला दिया था रघुनाथ मंदिर, अब फिर गूंजेंगे जयकारे

Reconstruction of temple – कश्मीर की खोई विरासत और सनातन परंपरा को सहेजने का कार्य शुरू हो रहा है।
करीब तीन दशक पहले आतंकियों और कट्टरपंथियों द्वारा जला दिए गए श्रीनगर के एतिहासिक
रघुनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य आरंभ हो गया है। धर्मांध भीड़ ने भगवान रघुनाथ की प्रतिमा को
खंडित कर झेलम में फेंक दिया था। सब ठीक रहा तो जल्द वहां भगवान राम के जयकारे गूंजेंगे। मंदिर के
जीर्णाेद्धार का कार्य राज्य पर्यटन विभाग को सौंपा गया है। मंदिर के साथ-साथ वहां झेलम के घाट का भी
सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडित तो खुश हैं ही, साथ ही सब-कुछ छोड़
पलायन करने वाले परिवारों की आंखों में भी उम्मीदों की नई रोशनी दिखने लगी है। देशभर के पर्यटक भी
इस गुमनाम विरासत के दर्शन कर सकेंगे। Reconstruction of temple

Reconstruction of temple
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डोगरा शासक महाराजा रणबीर सिंह ने करीब 160 वर्ष पूर्व श्रीनगर में झेलम दरिया के किनारे इसका
निर्माण कराया था। मंदिर में कई अमूल्य पांडुलिपियां और धर्मग्रंथों पर आधारित लाइब्रेरी भी थी। मंदिर
परिसर में एक स्कूल भी था। स्कूल आज भी है, लेकिन अब मंदिर और स्कूल के बीच में दीवार खड़ी हो
चुकी है। Reconstruction of temple

आतंक के दौर से पहले भी था निशाने पर

कश्मीर में आतंकवाद का दौर शुरू होने से पहले भी यह मंदिर धर्मांध तत्वों के निशाने पर था। 1989 में
उग्र इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिर पर पहला हमला बोला। इसके बाद 24 फरवरी 1990, 13
अप्रैल 1991 और फिर 8 मई 1992 को इस हमले हुए। मंदिर में प्रतिष्ठित भगवान श्रीराम और माता
सीता की प्रतिमाओं को खंडित कर झेलम में फेंक दिया गया। यज्ञशाला बर्बाद कर दी गई और लाइब्रेेरी
जला दी गई। मंदिर के पास ङ्क्षहदुओं के सात मकान भी आतंकियों का निशाना बने। इसके बाद मंदिर
वीरान हो गया और परिसंपत्तियों पर भूमाफिया की नजर पड़ गई। मंदिर के रास्ते पर अतिक्रमण कर
लिया गया। मंदिर के नीचे झेलम का घाट भी अब जीर्णशीर्ण हालत में है। आल पार्टी माइग्रेंट कैंप को-
ऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन विनोद पंडित ने सरकार के फैसले को ऐतिहासिक बताया है।

सनातन ऋषिओं के महान वैज्ञानिकअविष्कार

Reconstruction of temple

 

 

 

 


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