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मदर टेरेसा की सच्चाई-भाग 1,पैसा होते हुए भी नहीं होता था मरीजों का इलाज़

Reality of mother Teresa part one  : आज हम आपके सामने एक बड़ा खुलासा करने जा रहें है और यह खुलासा है मदर टेरीसा के बारे में |  जहाँ मदर टेरीसा को एक सम्मानजनक स्थान दिया गया है वहीं एक प्रसिद्ध दार्शनिक क्रिस्टोफर हिचन्स का इसके बारे में कुछ और ही कहना है |उनकी एक प्रसिद्ध पुस्तक The Missionary Position में मदर टेरीसा के बारे में कुछ खुलासे किये गये है | इस पुरे लेख को श्रंखला के रूप में आप तक पहुँचाने का प्रयास रहेगा | इस पुस्तक में उन सभी  लोगों के अनुभव लिखे गये हैं जो यां तो मदर टेरीसा के साथ काम कर चुकें है और यां जिन्होंने उसे बहुत ही करीब से देखा है | आइये आज आपको मदर टेरीसा के इन खुलासों से अवगत करवातें हैं : Reality of mother Teresa part one

डॉ रोबिन फॉक्स की मदर टेरीसा से भेंट और मरीजों की हालत

1994 में डॉ रोबिन फॉक्स कलकता में मदर टेरीसा को मिलने आये | वे जानना चाहते थे की वह किस तरह से काम कर रहीं है | उन्होंने वहाँ के हालातो को देखा और वहाँ के पुरे वातावरण के बारे में बताया, जो इस प्रकार है :

  • टेरीसा के सेवा संस्थान में डॉक्टर को समय समय पर बुलाया तो जाता था लेकिन मरीजों के विषय में ज्यादातर निर्णय वहाँ के स्वयंसेवक ही करते थे जिनमें से कुछ को मेडिकल के बारे में जानकारी थी |
  • डॉ रोबिन का कहना था कि उन्होंने देखा कि वहाँ एक बीमार व्यक्ति को लाया गया था जिसे बहुत तेज़ बुखार था | उस व्यक्ति को संस्थान में पेरासिटामोल तथा टेट्रासाइक्लिन देना निर्धारित किया गया | लेकिन बाद में एक डॉक्टर ने बताया कि इस व्यक्ति को मलेरिया है और बीमार को  क्लोरोक्वीन देने की सलाह दी गई  | यहाँ पर प्रश्न यह उठता है कि क्यों वहाँ पर बीमार लोगों को बिना जाँच किये दवाएं दी जा रही थी |  Reality of mother Teresa part one

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  • मदर टेरीसा के संस्थान में  इस प्रकार की कोई भी व्यवस्था नहीं थी जिसमें मरीजों की सही तरीके से जाँच की जा सके | यहाँ तक कि मरीजों के लिए दर्दनाशक दवाओं की भी कोई व्यवस्था नहीं थी | Reality of mother Teresa part one
  • आपको लगता होगा कि टेरीसा के संस्थान के पास पैसे की कमी होगी लेकिन उनको अच्छा खासा अनुदान मिलता था | डॉ रोबिन ने आगे बताया कि वह उस स्थान पर भी गये थे जहाँ पर टेरीसा का निवास स्थान था | लेकिन देखने वाली बात यह थी कि यह निवास स्थान बहुत ही अच्छी हालत में था जबकि मरीजों के लिए दर्दनाशक दवाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी |

Source : The Missionary Position: Mother teresa in Theory and practice , writer : Christopher Hitchens

 

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