Friday , 7 August 2020
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टीपू सुल्तान के बारे में इससे ज्यादा जानकारी कही नहीं मिलेगी

Real face of tipu sultan : भारत में टीपू सुल्तान को देश के रक्षक के रूप में पेश किया गया है | उसे एक महान देश भक्त कहा गया है जिसने अंग्रेजों के खिलाफ भारत के पक्ष में लड़ाई लड़ी थी | लेकिन आज हम आपको इतिहास के कुछ अनकहे पहलुओं के बारे में बताते है : Real face of tipu sultan

टीपू सुल्तान के पत्र :

  • इतिहासकार पणीक्कर ने टीपू सुल्तान के कुछ पत्र खोज निकाले है जो इंडियन आफिस लाइब्रेरी में सुरक्षित है |
  • 22 मार्च 1788 को अब्दुल खदर को लिखी चिठ्ठी में उसने लिखा है कि 12000 हिन्दुओं को इस्लाम कबूल करवाया गया है और तुम्हारी जगह के हिन्दुओं को तुम्हारे पास आना होगा और इस्लाम कबूल करना होगा कोई बचना नहीं चाहिए |
  • 24 दिसम्बर 1788 को कालीघाट में अपने सेनापति को लिखता है कि सरे हिन्दुओं को बंदी बनाओ और कत्ल करो , 20 साल से छोटे हिन्दुओं को बंदीघर में रखो और बचे हुए 5000 हिन्दुओं को पेड़ों पर लटकाकर फंसी दे दो |
  • 19 जनवरी 1790 को उसने समन खान को लिखी चिट्ठी में कहा कि मालाबार में उसे बड़ी कामयाबी मिली है और 4 लाख हिन्दुओं को इस्लाम कबूल करवाया गया है और अब बस रमन नायर पर चड़ाई करनी है |
  • 5 फरवरी 1797 को एक और लिखे पत्र में वह लिखता है कि हमें काफिरों पर जिहाद के लिए एक होना चाहिए |

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टीपू सुल्तान की पोल खोलते इतिहासकार :

  • इस व्यक्ति ने मालाबार के इलाकों में संदेश जारी किया कि सच, झूठ , धोखा , ताकत , सब कुछ इस्तेमाल करो लेकिन इस्लाम कबूल करवाओ(Historical sketches of the south India in an attempt to trace the history of Mysore , Mark Wills Vol II, page 120) Real face of tipu sultan
  • टीपू सुल्तान ने अफगानिस्तान के सुल्तान और अहमद शाह अब्दाली के पोते जमान शाह को मैसूर की तीसरी लड़ाई के पहले कई पत्र लिखे | इन खतों का अनुवाद कबीर कौसर के किया जिसमे टीपू सुल्तान लिखता है कि उसके दिल की इच्छा है कि वो काफिरों पर जिहाद का ऐलान करे , इस जमीन पर अल्लाह मुसलमानी सल्तनत की रक्षा करता है और काफिरों के रस्ते तंग करता है |
  • पुतर्गाली यात्री और इतिहासकार बार्तोलमाको अपनी पुस्तक Voyage to East Indies में लिखता है कि कालीघाट में अधिकतर पुरुषो और महिलाओं को फांसी पर लटका दिया गया है | हिन्दुओं को हाथिओं के पैरों से बांद कर मार दिया गया और मन्दिरों को तोड़ दिया गया|
  • टीपू की सुल्तान पर फारसी में लिखा था कि मेरी शमशीर काफिरों के खात्में के लिए बिजली सी चलती है ( History of Mysore , CH Rao , Vol III , p 1073 ) |
  • इसके अलावा The Mysore Gazetteer ने दक्षिण भारत में टीपू सुल्तान के द्वारा तोड़े गये 800 मन्दिरों की जानकारी दी है |
  • History of Mysore में टीपू सुलतान की राज्य में उसके मरने तक केवल दो ही मन्दिर बचे थे इन दो मन्दिरों को केवल इस लिए छोड़ा गया था ताकि उसकी कुंडली देखने वाले ब्राह्मण को संतोष रहे | सरे मन्दिरों में से दौलत को जब्त कर लिया गया था | Real face of tipu sultan
  • एम ए गोपाल राव ने अपने लेख में लिखा है कि हिन्दू और मुस्लिमों के लिए कर अलग अलग थे| मुस्लिम बच्चों की पड़ाई के लिए विशेष इन्तेजाम थे और मुसलमानों के घरों और समाना पर लगने वाले कर भी माफ़ थे |

स्थानों के नाम बदलना :

  • मंगलपूरी को जलालाबाद कर दिया गया
  • कन्नूर कुस्नाबाद बना
  • बेपर सुल्तान पटनम बना
  • मैसूर नज़ाराबाद बना
  • धारवाड कार्शद सवद बना
  • गुटी फैज़ हिसार बना , रत्नागिरी मुस्तफाबाद बना
  • कालीकट इस्लामाबाद बना दिया गया

Reference : The naked Mugals

 

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