Punjab not want Khalistan
Punjab not want Khalistan

Punjab not want Khalistan -खालिस्तान समर्थको के मंसूबे पर पंजाब के लोगो ने फेरा पानी

Punjab not want Khalistan – 1857 से 1947 तक हिंदुस्तान के कई टुकड़े हुए और इस तरह बन गए सात नए देश। 1947 में बना
पाकिस्तान भारतवर्ष का पिछले 2500 सालों में एक तरह से 24वां विभाजन था। आज के भारत में भी
कुछ लोग भारत को तोड़ने की साजिश रचते आ रहे है उन्ही में से एक है खालिस्तान। Punjab not want Khalistan

आपको बता दे की विदेशो में बैठे कुछ आतंकवादी पाकिस्तान की शह पर भारत के प्रान्त पंजाब को तोड़ने
की साजिश रचते आ रहे है और इसी के तहत कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क में रह रहे एक खालिस्तानी समर्थक
गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 31 अगस्त को पंजाब बंद करने को बोला था ।Punjab not want Khalistan

Punjab not want Khalistan
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कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू

गुरपतवंत सिंह पन्नू न्यूयॉर्क से सिख फॉर जस्टिस (SIKH OF JUSTICE) नाम की एक संस्था चलता
है जिसमे भारत को तोडना और खालिस्तान का प्रचार करना इसका मुख्य उदेश है। गुरपतवंत सिंह पन्नू
ने पूर्व मुख्यमंत्री शहीद बेअंत सिंह के हत्यारे दिलावर सिंह के नाम पर 31 अगस्त को पंजाब बंद की कॉल
दी है। जब से भारत सरकार ने पन्नू को आतंकवादी घोषित किया है, न्यूयॉर्क में बैठ कर पन्नू कभी
पंजाब और कभी दिल्ली को खालिस्तान बनाने के लिए धमकियां दे रहा है। विदेशों में बैठे खालिस्तानी
समर्थकों के डॉलरों से पलने वाला पन्नू आईएसआई के संपर्क में है। Punjab not want Khalistan

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क्या कहना है पंजाब के लोगो का Punjab not want Khalistan

सबसे पहले तो आपको बता दे की आज पंजाब में खालिस्तान समर्थको और सिख फॉर जस्टिस
(SIKH OF JUSTICE) संस्था दवारा दी गई बंद की कॉल को फेल कर दिया है। आज पंजाब में सभी शहर
और दुकाने खुली रही पंजाब के लोगो का कहना है की पंजाब में खालिस्तान की कोई मांग नहीं कर रहा है।
कुछ लोग जो बहार के देश में बैठ कर इस मुद्दे से पाकिस्तान से पैसे खा रहे है वही इस मुद्दे को हवा दे है ।

 

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