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क्यों बोतल में बंद गंगा जल महीनों बाद भी दूषित नहीं होता

River Ganga : गंगा को हिन्दू धर्म में पाप विनाशनी कहा जाता है तथा यह प्रतेक हिन्दू के लिए पवित्र नदी मणि गई है ल| हम लोगों के घर में भी गंगा जल होगा जो काफी समय से बिना दूषित हुए पड़ा है लेकिन क्या हमें इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण पता है जो गंगा को दूषित नहीं होने देता | River Ganga

  • 1896 में कुछ अंग्रेज वैज्ञानिकों ने यह खोजा था कि हैजा फ़ैलाने वाला जीवाणु गंगा जल के उपयोग से 3 घंटे में ही मारा गया | इसके अलावा 1927 में, फ्रांसीसी माइक्रोबायोलॉजिस्ट यह जानकर आश्चर्यचकित थे कि गंगाजल के नमूने में कोई कीटाणु मौजूद नहीं है, इसलिए हिंदू धर्म में गंगाजल पवित्रतम है। विश्व में किसी भी अन्य नदी की तुलना में गंगा की ऑक्सीजन धारण  क्षमता 15-25 गुना अधिक है।

गौमुख जहाँ से गंगा निकलती है 

  • 1947 में जर्मनी के जल तत्व विशेषज्ञ कोहिमान भारत आए थे। उन्होंने वाराणसी से गंगाजल लिया और उस जल पर अनेक परीक्षण करके एक लेख लिखा। उन्होंने लिखा कि नदी के जल में कीटाणु रोगाणुनाशक  विलक्षण शक्ति है जो संसार भर की किसी और नदी के जल में नहीं है। इससे पहले 1924 में बर्लिन के डॉक्टर जे ओ लिवन ने दुनिया की तमाम नदियों के जल का विशेषण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला था कि गंगाजल विश्व का सर्वाधिक स्वच्छ और कीटाणु नाशक जल है। फ्रांसीसी चिकित्सक हिरल ने भी यही अनुभव किया कि गंगाजल से कई रोगाणु नष्ट हो जाते हैं। रुड़की विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का मानना है कि गंगाजल में जीवाणु नासी के कीटाणु नाशक तत्व विद्यमान है।

भगीरथ जब गंगोत्री क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां 24 वर्ग मील के क्षेत्र में 300 फीट ऊंचा हिमखंड है जो सदियों से अचल खड़ा है। पुराणों में इसे ही गंगा को शिव की जटाओं में बंद कहा गया है। इसी पर बृहस्पति ग्रह की तरंगे गिरती रहती है जो हिमखंड की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण है। बृहस्पति ग्रह की तरंगे इसहिमखंड को पवित्र करती है | River Ganga

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 गंगा के जल में पापनाशिनी तत्व या कहे पवित्र तत्व बृहस्पति ग्रह की कॉस्मिक रेंज तथा उसके मार्ग की हिमालय पर पाई जाने वाली जड़ी बूटियों के कारण है जो गंगा जल को प्रदूषित नहीं होने नहीं देते। इसी कारण से गंगा में कोई भी बैक्टीरिया पनप नहीं पता और इसमें व्यक्ति को इन सब चीज़ों से लड़ने की ताकत भी मिलती है |लेकिन आज हम अपनी पवित्र गंगा में दुनिया भर की गंदगी डाल रहें है जो गंगा की इस विशेषता को खत्म करती जा रही है | अभी कुछ समय पहले भारत सरकार द्वारा भी इसके ऊपर शोध शुरु किया जा चुका है ताकि गंगा की शक्ति के बारे में पता लगाया जा सके |

Reference : Quora

 

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