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Lieutenant Ram Prakash Roperia
Lieutenant Ram Prakash Roperia

खालिस्तानी विद्रोहियों के छक्के छुड़ाने वाले – Lieutenant Ram Prakash Roperia

Hero of the Blue Star operation

लेफ्टिनेंट राम प्रकाश रोपड़िया का जन्म 10 जून 1959 को हिसार हरियाणा के पाली गांव में हुआ था। एक जाट क्षत्रिय व किसान परिवार में होने के कारण उनमे देशभक्ति का जज्बा स्वाभाविक था।

उन्होंने पढ़ाई पूरी करके NDA की परीक्षा उतीर्ण की व आर्मी में भर्ती हुए। 1981 में उन्हें मद्रास रेजिमेंट में कमीशनड किया गया।

1984 में #पंजाब में जब कुछ आतंकियों ने हालात खराब कर दिए और पवित्र स्वर्ण मंदिर की आड़ लेकर गुरुद्वारे में घुस गए तब भारतीय सेना ने उनसे टक्कर ली।

तब 5-6 जून को 26 मद्रास की “C” कंपनी को फर्स्ट फ्लोर से आतंकियों को बाहर निकालने का काम दिया गया।लेफ्टिनेंट राम प्रकाश रोपड़िया इस कंपनी के #कमांडर थे।पहले फ्लोर पर आतंकी पूर्ण रूप से आधुनिक ऑटोमैटिक हथियारों से लेश थे।
जब हालात खराब होते तो खुद कमांडर ने मोर्चा संभाला।इसके लिए वे जब सीढ़ियों से जाने लगे तो उपद्रवियों ने जबरदस्त फायरिंग शुरू कर दी।इस तरह वे 3 बार फैल हुए लेकिन चौथी बार वे ऊपर जाने में #कामयाब हो गए।

इससे उनके साथी सिपाहियों को भी हौसला मिला व वे भी ऊपर चढ़ने लगे।फिर उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी व उनके साथियों ने उन्हें काउंटर किया।उसके बाद D कंपनी भी पहुंच गई।फिर उन्होंने 2 हैंड ग्रेनेड लिए और आतंकियों की और दौड़े जिससे आगे रास्ता मिल गया।इस बीच वो घायल हो गए उन्हें दो गोलियां कंधे व गर्दन पर लगी।घायल होने के बाद भी वे लड़ते रहे व भागते हुए आतंकियों पर गोलियां बरसाते रहे।जिसमे से एक वहीं मर गया।

उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर बाकी कंपनी के लिए रास्ता तैयार कर दिया।घायल अवस्था मे भी वो अपने साथियों का हौसला बढ़ाते रहे।

फिर वो वहां गिर पड़े।उन्हें तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया पर ज्यादा खून बहने के कारण व गम्भीर रूप से घायल होने के कारण वे बच नही सके और शहीद हो गए।(6जून1984)

इस तरह इस आपरेशन में लेफ्टिनेंट रोपड़िया ने पूरी वीरता,नेतृत्व और duty के प्रति समर्पण दिखाया। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए देश सेवा को प्रथम दर्जा दिया।

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इस बहादुरी के लिए उन्हें अशोक_चक्र (मरणोपरांत) प्रदान किया गया।

जी रहे उनकी बदौलत ही हम सभी शान से।
जो वतन के वास्ते यारो गए हैं अपनी जान से।।
इस महान वीर के बलिदान दिवस पर कोटि कोटि प्रणाम
जय हिंद। वन्दे मातरम

लेखक – जयदीप आर्य

Source : gallantryawards.gov.in

 


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