Monday , 3 August 2020
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कैसे विदेशी खुफिया एजेंसियों ने भारत में बड़े पदों पर बिठाये थे अपने लोग

Kgb destroyed India : आज़ादी के बाद से ही उस समय सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी

भारत की सत्ता पर अपना जमाना चाहती थी |

मोस्को में स्थित भारतीय दूतावास को उस   समय सोवियत संघ की ख़ुफ़िया

एजेंसी लगातार अपने पीला में    करने की कोशिश कर रही थी | इस दौरान भारत के अनेकों

अधिकारीयों को फसा कर सोवियत संघ का एजेंट बना दिया गया था |

Cold war के दौरान KGB भारत में बहुत ही सक्रिय थी और इसने भारत में अनेकों फैंसलों

और अनेको नेताओं को भी प्रभावित किया | हम यह भी कह सकतें है कि उस समय भारत पर

काफी हद तक सोवियत रूस का दबदबा था | आज हम इन्ही काले कारनामों को पोल खोलने जा रहें है |

KBG ने यूँ तय किया भारत का भविष्य: Kgb destroyed India

KGB का भारत में बैठे अपने जासूसों को आदेश था कि नेहरु की मृत्यु के बाद Home minister

गुलजारी लाल का भारत के प्रधानमन्त्री के रूप में समर्थन किया जाये | अगर यह नाकामयाब

रहता है तो लाल बहादुर शास्त्री को समर्थन किया जाए|

भारत की भूतपूर्व प्रधानमन्त्री इंधिरा गाँधी जब 1953 में रूस गई तो KGB के जासूसों द्वारा उनकी तारीफों के पुल बांधे गये और इंधिरा गाँधी ने अपने पिता     को लिखे एक पत्र में कहा था की रूस में उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया  और किसी ने  कभी नहीं किया | आपको बता दें कि इंधिरा गाँधी का KGB ने codename VANO रखा हुआ था |

1967 के चुनावों में भी इस एजेंसी ने भारत में अपनी सत्ता स्थापित करने के लिए भूमिका निभाई थी |

कांग्रेस में उस समय S.K Patil कम्युनिस्ट विचारधारा के विरोधी थे | KGB द्वारा कुछ ऐसे नकली

दस्तावेज़ Patil के खिलाफ बनाये गये जिसमें दिखाया गया कि उसके पाकिस्तान के

साथ सम्बन्ध दिखाए गये | इस तरह वे चुनाव हार गये और एक कोमुनिस्ट विरोधी को एक

तरफ कर  दिया गया |  एक अनुमान के अनुसार भारत की 30 से 40 प्रतिशत संसद KGB से प्रभावित थी |

इसके अलावा 1970 के दशक में KGB के सबसे ज्यादा जासूस भारत में थे | Kgb destroyed India

इंधिरा गाँधी ने सोवियत अफसरों और कारोबारियों की भारत में कोई सीमा संख्या तय नहीं की थी | KGB के अफसरों का यह मानना था की पूरा भारत एक तरह से  बिकाऊ बन गया था | यहाँ तक की इस पुस्तक में यह भी कहना है कि नोटों से भरे suitcase प्रधानमन्त्री निवास पर नियमित लाये जाते थे , यहाँ तक की खाली Suitcase भी वापिस नहीं किये जाते थे | Kgb destroyed India

KGB की भारतीय अख़बारों में सेंध

उस दौरान भारत के 10 अखबार KGB से निरंतर पैसे लेते थे और कई Press Agency भी KGB से पैसे लेती थी |1972 में KGB से प्रभावित 3789 लेख भारतीय अख़बारों में छापे गये थे | इसके बार 1973 में 2760 लेख और 1974 में 4486 लेख छापे गये थे | 1975 में यह संख्या बढ़कर 5510 हो गई थी |

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KGB इंधिरा गाँधी को यह यकीन करवाने में सफल रही थी कि भारत की अनेकों समस्यायों के पीछे अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी CIA का हाथ है | यहीं नहीं इंधिरा गाँधी ने भारत में 1975 में जो आपातकाल  की घोषणा की थी उसमें भी सोवियत संघ की KGB का ही हाथ था | Kgb destroyed India

Source : Mitrokin Archive

 

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