Construction of ram mandir
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Construction of ram mandir -अयोध्या भेजे जाने वाले पत्थर अवैध खनन बताकर प्रशासन ने लगाई रोक

Construction of ram mandir –  अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के काम आने वाले गुलाबी पत्थर के
खनन पर रोक लगा दी गई है।राजस्थान में भरतपुर जिले के बंशी पहाड़पुर की खानों से निकाले जाने वाले
पत्थर पर रोक लगाने केनिर्णय से मंदिर निर्माण के काम में कुछ बाधा उत्पन्न हो सकती है।

Construction of ram mandir

  • अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए जाने वाले पत्थर पर लगाई रोक।
  • बंशी पहाड़पुर से जाने वाले पत्थर पर प्रशासन ने लगाईं पूर्ण रोक।
  • लीज स्वीकृत नहीं होने से अवैध खनन पर लगाईं रोक।
  • पत्थर ले जाने पर रोक के बाद कैसे बनेगा राम मंदिर?
  • विश्व हिन्दू परिषद् ने कहा- पत्थर रोका तो संत समाज आएगा सड़कों पर।
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राजस्थान सरकार के खान विभाग, भरतपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने बंशी पहाड़पुर में खनन पर रोक
लगाई है। प्रशासन ने करीब ढ़ाई दर्जन ट्रक जब्त किए हैं । प्रशासन का कहना है कि बंशी पहाड़पुर में
अधिकारिक रूप से खनन के लिए किसी को लीज आवंटित नहीं की गई थी, यहां अवैध खनन हो रहा था।
भरतपुर जिला प्रशासन, खान और वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंशी
पहाड़पुर में खनन कार्य रोक दिया। जिला कलेक्टर नथमल डिडेल का कहना है कि बंशी पहाड़पुर में अवैध
खनन की सूचना मिलने पर वहां कार्रवाई कर रोक लगाई गई है। Construction of ram mandir

कई सालों से अयोध्या जा रहा है पत्थर

बयाना की पटेल स्टोन इंडस्ट्री के निदेशक देवेंद्र पटेल व भरतपुर विहिप के कार्यकर्ता गिरिराज अग्रवाल
का कहना है कि साल, 2006 से बंशी पहाड़पुर से पत्थर अयोध्या भेजा जा रहा है। करीब एक लाख
घनफीट पत्थर भेजा जा चुका है। लेकिन अब प्रशासन ने यहां खनन पर रोक लगा दी। पांच हजार साल
इसकी उम्र होती है, बारिश का पानी गिरने पर इसकी चमक बढ़ती है। खनन कार्य करने वाले ठेकेदार
विजयपाल सिंह का कहना है कि मेरी कंपनी को खान विभाग से बंशी पहाड़पुर में खनन करने की अनुमति
मिली हुई है। लेकिन वन एवं पर्यावरण विभाग ने अभी क्लीयरेंस नहीं दी ।Construction of ram mandir

राम मंदिर ट्रस्ट के खाते से क्लोन चेक के जरिए लाखों रुपए निकाले

पत्थर व्यवसायी ओमप्रकाश ने बताया कि पहाड़पुर क्षेत्र का पत्थर अन्य से बेहतर है। उन्होंने बताया कि
साल,1990 में अयोध्या में कार्यशाला की स्थापना हुई थी। उस समय स्व. अशोक सिंघल, राम जन्मभूमि
न्यास के पहले अध्यक्ष स्व.महंत रामचंद्र दास ने भरतपुर आकर बंशी पहाड़पुर के पत्थर का चयन किया
था। उन्होने कहा कि अब खनन रोकने से मंदिर निर्माण में देरी हो सकती है ।

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