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पूर्व कांग्रेस नेता का खुलासा-कांग्रेस को सद्दाम हुसैन ने लिया था लाखों बैरल तेल

congress in the volcker conspiracy : 2 अगस्त 1990 को सद्धाम हुसैन ने कुवैत पर

हमला कर दिया | इस हमले के बाद UN ने इराक पर अनेको प्रतिबन्ध लगा दिए थे |

1996 में UN ने 1996 में इराक के लोगों की मदद के लिए Oil for food Program की

जिसमें UN की देख रेख में इराक की सरकार तेल बेचेगी और इराक के लोगों के लिए

भोजन और स्वस्थ सेवाएं खरीदेगी | congress in the Volcker conspiracy

इसके बाद सद्दाम हुसैन पकड़ा गया और इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया |

लेकिन इस कार्यक्रम के जब दस्तावेज़ देखे गये तो  रिश्वतखोरी का खेल समाने आया |

इस कार्यक्रम की जाँच के लिए UN द्वारा Paul Volcker के अधीन के कमेटी का गठन किया गया |

कमेटी ने 18 महीने के बाद अपनी जाँच रिपोर्ट 27 अक्तूबर 2005 को UN में सोंपी | इस कमेटी में इन कंपनियों और लोगों के नाम थे जिन्होंने  Oil for food Program से किसी तरह से लाभ  था |

कांग्रेस का आया था नाम congress in the Volcker conspiracy

इस कमेटी में कांग्रेस के प्रसिद्ध नेता Kunwar Natwar Singh और कांग्रेस पार्टी और

अनेकों कंपनियों के नाम शामिल थे |  Kunwar Natwar Singh  ने अपनी पुस्तक में बताया

है कि वे सितम्बर 2005 में मनमोहन सिंह के साथ न्यूयॉर्क में थे और मनमोहन सिंह

2004 में Paul Volcker से   मिल चुके थे | अभी प्रश्न  उठता है कि वे इस व्यक्ति से

क्यों मिले और  मनमोहन सिंह से इसकी क्या बात हुई | congress in the Volcker conspiracy

बगदाद के भारतीय दूत ने विदेश सचिव श्याम सरन को एक पत्र लिखा था |

पत्र में कहा गया था कि उन्होंने एक लेख पाकिस्तान की वेबसाइट पाकिस्तान डेली और

इराकी अरब डेली में लिखा है कि सद्दाम हुसैन ने विदेशी कंपनियों और लोगों को अपने हक़

में खड़ा करने के लिए तेल दिया था | इस लिस्ट में कांग्रेस पार्टी और पैंथर पार्टी के भीम सिंह

का नाम है | दोनों को ही 10-10 लाख बैरल तेल 1997 के बाद दिया गया था |

कमेटी के दस्तावेज़ है गोपनीय 

7 नवंबर को भारत सरकार द्वारा वीरेंद्र दयाल को ईडी के डायरेक्टर के साथ  कमेटी की जांच रिपोर्ट को ले आने के लिए नियुक्त किया गया। 24 नवंबर को दयाल भारत  हजारों कई दस्तावेज लेकर आये| इन दस्तावेजों को ईडी को सौंप दिया गया। congress in the Volcker conspiracy

कमीशन ऑफ इंक्वायरी एक्ट के अधीन सरकार ने जस्टिस आरस पाठक कमेटी का गठन किया। इस कमेटी ने जाँच रिपोर्ट धानमंत्री को सौंपी और इसमें साफ तौर पर कहा गया कि Kunwar Natwar Singh का किसी भी प्रकार से इस कॉन्ट्रैक्ट में हाथ नहीं है। एक और बात थी कि दयाल जो डॉक्यूमेंट लेकर आए थे, वह पाठक कमेटी के सामने कभी भी नहीं रखेंगे। congress in the Volcker conspiracy

Read this : चीन के विरोध में पाकिस्तान ने गाया वन्दे मातरम 

2006 में बेंगलुरु के एक वकील अरुण कुमार अग्रवाल ने आरटीआई के द्वारा रिपोर्ट के इन डाक्यूमेंट्स को लेने का प्रयास किया। लेकिन सरकार की तरफ से जवाब दिया गया कि अगर यह डॉक्यूमेंट दिखाए जाते हैं तो भारत के कई अन्य देशों से रिश्ते खराब होने के आसार रहेंगे इसलिए इनको पब्लिक नहीं किया जा सकता|

Source : One Life is not enough , writer : k Natwar Singh

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