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क्यों 300 बच्चों को चीन की सेना ने मार डाला

चीन आज भारत को आँखे दिखा रहा है | चीन ने पिछले दिनों भारत के सैनिकों पर छुपकर वार किया था जब वे सो रहे थे|चीन की इस कायराना हरकत का जवाब भारतीय सेना ने अच्छे तरीके से दिया और चीनी सैनिकों की गर्दने तोड़ डाली | लेकिन वस्तव में चीन और उसकी सेना माओ के समय से ही कायर है | Chinese army killed children 

चीनी सेना की कायरता का इतिहास Chinese army killed children 

  • आज हम आपको इनकी कायरता का इतिहास बतातें है | 1945 से 1949 तक माओ के कहने पर एक क्रांति शुरू हुई |
  • इस क्रांति को आज़ादी नाम दिया गया और सेना का नाम रखा गया पीपुल्स लिबरेशन अर्मी |
  • चीनी सेना ने ऐसे ऐसे शर्मनाक काम किये है कि जो विश्व में कहीं नहीं मिलेंगे |
  • इस क्रांति के एक साल के अंदर ही सभी विरोधियों को मार दिया गया |
  • उस समय माओ ने प्रति एक हज़ार व्यक्ति के पीछे एक व्यक्ति को मारने का कोटा बनाया था |

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  • पुरे पुरे गाँव का सफाया कर दिया जाता था | किसी को भी छोड़ने के आदेश नहीं थे |
  • कई बार इस कोटे को पूरा करने के लिए ऐसे ही लोगों को पकड़ कर मार दिया जाता था | Chinese army killed children 
  • 1951 तक चीनी सेना ने  20 लाख लोगों को मौत के घाट उतारा जिसमें बच्चे भी शामिल थे |
  • बच्चों को दुश्मन का जासूस कहकर मार दिया जाता था |
  • 1975 में चीनी सेना ने अपने ही शहर Shadian को घेर कर  1600 लोगों को मौत के घाट उतार दिया |
  • जिसमें 300 बच्चे भी शामिल थे |

इस प्रकार हम देखतें है कि चीनी सेना का इतिहास कायरता से भरा पड़ा है | जिस सेना ने अपने देश के बच्चे न छोड़ें हो , उस सेना को कायर ही कहा जाना चाहिए | इन लोगों के पास सामने से लड़ने की हिम्मत नहीं  है | क्योंकि यह सिर्फ निह्थों और बच्चों को ही मार सकते है |

Reference : Sciencespo  कहानी कम्युनिस्टों की , लेखक : संदीप देव

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