Tuesday , 24 November 2020
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यहाँ हुआ था भीम और हिडिम्बा का विवाह

Bhim and Hidimba were married here : आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जहाँ महाभारत काल की विरासत आज भी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती है। यह जगह है भारत के पूर्वोत्तर में स्थित राज्य नागालैंड का एक शहर दीमापुर जिसको कभी हिडिंबापुर के नाम से जाना जाता था। इस जगह महाभारत काल में हिडिंब राक्षस और उसकी बहन हिडिंबा रहा करते थे। यही पर हिडिंबा ने भीम से विवाह किया था | Bhim and Hidimba

यहां रहने वाली डिमाशा जनजाति खुद को भीम की पत्नी हिडिंबा का वंशज मानती है। यहाँ आज भी हिडिंबा का वाड़ा है | जहां राजवाड़ी में स्थित शतरंज की ऊंची-ऊंची गोटियां पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती है। इनमे से कुछ अब टूट चुकी है। यहाँ के निवासियों कि मान्यता है कि इन गोटियों से भीम और उसका पुत्र घटोत्कच शतरंज खेलते थे। इस जगह पांडवो ने अपने वनवास का काफी समय व्यतीत किया था | महाभारत के अनुसार वनवास काल में जब पांडवों का घर कोरवों ने षडय़ंत्र के तहत जला दिया गया तो वे वहां से भागकर एक दूसरे वन में गए। Bhim and Hidimba

शतरंज का दृश्य

जहां हिडिंब राक्षस अपनी बहन हिडिंबा के साथ रहता था। एक दिन हिडिंब ने अपनी बहन हिडिंबा को वन में भोजन की तलाश करने के लिये भेजा। वन में हिडिम्बा को भीम दिखा जो की अपने सोए हुए परिवार की रक्षा के लिए पहरा दे रहा था। राक्षसी हिडिंबा को भीम पसंद आ जाता है और वो उससे प्रेम करने लगती है। इस कारण वो उन सब को जीवित छोड़ कर वापस आ जाती है। लेकिन यह बात उसके भाई हिडिंब को पसंद नहीं आती है और उसने पाण्डवों पर हमला कर दिया | लड़ाई में हिडिंब भीम के हाथो मारा गया | हिडिम्ब के मरने पर वे लोग वहां से प्रस्थान की तैयारी करने लगे |

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इस पर हिडिम्बा पांडवों की माता कुन्ती के चरणों में गिर कर प्रार्थना करने लगी हे माता ! मैंने आपके पुत्र भीम को अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया है। आप लोग मुझे कृपा करके स्वीकार कर लीजिये। यदि आप लोगों ने मझे स्वीकार नहीं किया तो मैं इसी क्षण अपने प्राणों का त्याग कर दूंगी।” हिडिम्बा के हृदय में भीम के प्रति प्रबल प्रेम की भावना देख कर युधिष्ठिर बोले हिडिम्बे! मैं तुम्हें अपने भाई को सौंपता हूँ किन्तु यह केवल दिन में तुम्हारे साथ रहा करेगा और रात्रि को हम लोगों के साथ रहा करेगा | हिडिंबा इसके लिये तैयार हो गई और भीमसेन के साथ आनन्दपूर्वक जीवन व्यतीत करने लगी |

Source : smartindian

 


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