Thursday , 22 October 2020
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भगवान जो 40 वर्षों में एक बार देते है दर्शन

आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके देवता 40 वर्ष में सिर्फ एक बार ही दर्शन देते हैं , इस मंदिर का नाम है भगवान वरदराजा मंदिर और  मंदिर के देवता है , भगवान अति वरदार । यह मन्दिर तमिलनाडू के कांचीपुरम में स्थित है | भगवान अति वरदार  प्रत्येक 40 वर्ष में सिर्फ एक बार ही दर्शन देते हैं और उसके बाद जल समाधि में चले जाते हैं।

Varadharaja Perumal Temple 8.jpg

Varadharaja Perumal Temple

जब 40 वर्ष में एक बार जल समाधि से बाहर आते हैं तो एक उत्सव मनाया जाता है जिसे कांची अति वरदार  महोत्सव कहते हैं। भगवान की  प्रतिमा को पवित्र तालाब से निकालकर फूल माला पहनाकर मंदिर के प्रांगण में घुमाया जाता है फिर वसंत मंडल में स्थापित किया गया जाता है। भगवान की मूर्ति अंजीर के पेड़ की लकड़ी से बनी हुई है।

Halls in the temple with sculpted pillars

कहते हैं कि 16 शताब्दी में मुगल आक्रमण के कारण 9 फुट की इस प्रतिमा को तालाब में छिपा दिया गया था। मुगल आक्रमण का दौर बीतने के बाद इस प्रतिमा को पूजा के लिए वापस निकाला गया लेकिन मान्यता है कि प्रतिमा 48 दिनों बाद  फिर अपने आप तालाब  में चली गई। मान्यता है कि देवगुरु  बृहस्पति तलाब के भीतर विष्णु की आराधना करते हैं तब से अब तक हर 40 वर्ष बाद ही इस प्रतिमा को दर्शनों हेतु निकाला जाता है।

Beautiful Art Work in Temple 

एक कथा भी है कि मां सरस्वती यहाँ  नाराज होकर आई थी तब यहां अंजीर के जंगल हुआ करते थे.  पीछे से भगवान ब्रह्मा उन्हें मनाने गए और अश्वमेध यज्ञ किया लेकिन सरस्वती ने  नदी के रूप में यज्ञ  को भंग करने का प्रयास किया था  तभी  यज्ञ की अग्नि से प्रकट हुए भगवान विष्णु ने उनका क्रोध शांत किया। मदिर के पास स्थित वेगवती नदी को ही सरस्वती का रूप माना गया है।

 

 


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